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Saturday, 17 January 2015

NEVER COMES BACK

Erase my memories,

Never  recall,

In rage or any phase,

Once I am gone,

Forget me,

Forgive me

For

All the hurts,

Fears....

Tears...

Just move on,

When I am not there,

With you,

Don't cry,

Or

Lament for the loss,

Accept the truth,

Live the life

Which you have

Without me,

For those who are gone

Never comes back.



मै आजाद होना चाहता।

रेत की तरह फिसल,

सागर में खो जाती है।

मै जितना करीब आता  हूँ,

वो और दुर जाती  है।

यह दूरियाँ मजबूरियां है मेरी,

अक्सर कुछ  हसरतें अधुरी रह जाती है।

एक दर्द मेरे सीने मे होता है,

क्यु कोई रहनुमा ना मिला मुझको,

क्यु मै गुमनामियो मे रहता हु।

यह जो तनहाईया है मेरी,

मेरे खयालों मे चली आती है।

अपनी चाहतो को विराम देना चाहता  हु,

नींद की आगोश मे आराम चाहता हूँ।

मै आजाद होना चाहता हूँ।

हर पल लपकना चाहता हूँ,

लम्हे जीना चाहता हूँ।

जिक्र ना हो गुजरे वक्त का,

यु गुजरना चाहता हूँ।

फिर से जीना चाहता हूँ।

मै आजाद होना चाहता।


Wednesday, 14 January 2015

मुझको मेरे बाद याद ना करना।

ना आसु बहाना, ना सिसकियाँ भरना,

ना मातम ही तुम करना,

बाद मेरे तमाशा ना करना,

अफसाना समझ भुल जाना।

मुझको मेरे बाद याद ना करना।

दिये रोशन करना मुहब्बत के,

शंमा प्यार की जलाए रखना,

दिलो में जो नफरत है भुला,

हर दुरी मिटा देना।

एक से हो, एक हो जाना,

तुम फिर पहला सा जहां बना लेना।

मुझको मेरे बाद याद ना करना।

खौफजदा खौफ से कब तक रहोगे,

बेखौफ हर खौफ मिटा देना।

किसी दुआ का असर है,

हर दर्द दवा समझ पी जाना।

मुझको मेरे बाद याद ना करना।







Tuesday, 13 January 2015

सच

इक दिन जहां मे आना हुआ,

इक दिन जहां  से जाना हुआ।

जहा से आए,वही लौट जाना हुआ,

अफसाना युहीं तमाम हुआ।

रोते जग मे आना हुआ,

रोते जग मे छोड जाना हुआ।

कही आमद तो कही मातम हुआ

जिंदगी और मौत का हर पल मेल हुआ।

आने का जाना हुआ,

जाने का कभी वापस आना ना हुआ।

फिर ना जाने क्यु,

इस आकार मे विकार का आना हुआ,

नफरतों का दिल मे बसाना हुआ।

भुलना प्यार का हुआ,

भुलाना ना नफरत को हुआ।

संदीप समझ मे यह ना आना हुआ,

बिछडे तो फिर कभी मेल दोबारा ना हुआ।