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Saturday, 10 January 2015

NEVER LOSE HOPE

When you scream,

Shout loud,

Asking for help,

And noone comes,

No helping hand,

Not even a plain voice,

To give you some solace.

When eyes peek,

From windows left ajar,

Fear and tears rule,

Success too far,

Don't lose hope,

Just Hold your breath,

Let the storm within settle,

To make a move,

To come out of soup,

Holding hope like a rope,

Keeping in mind,

That hopeless are those,

Who are no more,

Chance and choice,

Is for those,

Who Breathe in and out,

Facing fears dabbing tears,

Toiling for years,

Never losing hope,

Mustering  courage,

 Pave the unpaved,

Till they get what they want.

For they are one....

Who never give in..








बाद मेरे

मेरे रहते जो कुछ न हुआ,

बाद मेरे जिक्र मेरा हुआ तो क्या हुआ।

उमर भर इंतजार था जिसका,

मरने पर मेरे वो आए तो क्या आए।

जिसकी चाह मे उम्र भर रोता रहा,

बाद मेरे आसु उसने बहाये तो क्या बहाये।

साथ पाने को जिसका तरसता रहा मै सदा,

माथा मेरा सहलाया तो क्या हुआ।

सेज प्यार की सजाई थी जिसके लिए,

फुलों से मुझको उसने सजाया तो क्या हुआ।

वक्त ही वक्त था जिसके लिए मेरे पास,

जनाजे पर मेरे वो आए तो क्या हुआ।

शुल अपनी यादों के चुभाती रही जो  सदा,

आग मुझको वो देने आए तो क्या हुआ।

पर्दा जफा का किया था जिसने उम्र भर,

मैयत पर मेरी वो बेनकाब आए तो क्या  हुआ।