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Wednesday, 21 January 2015

मतलब कुछ तो है

भले ही बदन मेरा जल जाए,

उनको तो मुठी भर धुप से मतलब है।

भले तरसता रहु प्यार के लिए,

उनको तो रिश्तो के व्यापार से मतलब है।

पायल की झनकार वो क्या जाने,

उनको तो सिक्को की खनखनाहट से मतलब है।

मै प्यास बुझाता हु बुलबुलो से,

उनको तो बरसात से मतलब है।

तरसता हु मै उडने के लिये,

उनको तो पंख कतरने से मतलब है।

कौन समझाये,

उनको जिनको मतलब से मतलब है,

कि राते भी दिन में बदल जाती है,

 लकीरें आकार लेती है,

करम करने से तकदीरे बदल  जाती।

मझधार में हो जो नैया,

विशवास करने से पार  लग जाती।

 साथ चलने से मंजिले पास  लगती,

दुरिया नजदीकियां बन जाती।

रजा उसकी मे राजी होना सीख ले जो,

अर्जी उसकी खुदा की मर्जी बन जाती।

थामे जो दामन  सबुरी का,

उस को जन्नत इसी जहां मे मिल जाती।